A Devotional visit to Shri Madhav Ashram, Sagwara (Rajapur)

गुरु ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुदेव महेश्वर: ।
गुरु साक्षात्परब्रह्म तस्मैश्री गुरुवे नम: ।।

आज हम आपको एक पवित्र गुरू आश्रम के बारे मे बताने जा रहे हैं ,जहां दूर दूर से श्रद्धालु अपने आपको कृतार्थ करने आते हैं |

|||||||  श्री माधव आश्रम – सगवारा ||||||

यह  आश्रम भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के चित्रकूट धाम मंडल बांदा के राजापुर क्षेत्र मे सगवारा नामक ग्राम मे स्थित है ! यहां प्रति वर्ष गुरू पूर्णिमा के अवसर पर दूर दूर से हजारों श्रद्धालु आते हैं ! यह मन को शांति प्रदान करने वाला एक शांत धार्मिक  स्थल है.

                 |   पूज्य गुरू दर्शन   |

” यस्य देवे परा भक्तिर्यथा देवे तथा गुरु “

“नमामीश घन ज्ञान रघुवंश दासं , सदानंददाता सुविद्याप्रकाशम “

श्री श्री 1008 पूज्य श्री पयासी जी महाराज

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सर्वप्रथम आश्रम मे इन्ही का वास था. ये परम तपस्वी थे | धार्मिक अनुष्ठान, दूसरों का हित करना इनकी दिनचर्या मे शामिल था. सन्यासी जीवन व्यतीत कर ये ब्रम्ह्लीन हो गये.

श्री श्री 1008 पूज्य श्री पिडिया जी महाराज

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पयासी जी महाराज के ब्रम्ह्लीन होने के पश्चात  इन्होने आश्रम की देख रेख की जिम्मेदारी निभायी. ये परमहंस और परम तपस्वी संत थे, इनके सामने आना और बात करना हर एक मानव के लिये आसान नही था. जिस जिस को इन्होंने जो कुछ कहा वो तो जैसे ब्रह्म की वाणी थी. तात्पर्य यह कि हर एक के प्रति महाराज जो कुछ भी कहते थे वही घटित होके रहता था, कोई भी बात टल नही सकती थी. ये तो इनका ईश्वरीय प्रताप था ! बाल्यकाल से ही आपने समस्त भौतिक सुखों का परित्याग करके धर्म के मार्ग पर चलते हुए तथा भक्तों को कृतार्थ करते हुए सन् 1996 में ब्रम्ह्लीन हो गये.

श्री श्री 108 स्वामी मालवीय जी महाराज 

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वर्तमान समय मे श्री मालवीय जी महाराज यहां आश्रम का कार्यभाल सम्भाल रहे हैं ! आसपास के भक्त लोग प्रतिदिन इनके दर्शन को आते हैं !

आश्रम पर एक नजर  – 

• प्रतिवर्ष यहां ‘गुरू पूर्णिमा’ पूरे धूमधाम से मनाया जाता है तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है. बहुत दूर दूर से संत, महात्मा एवं श्रद्धालु  इस दिन यहां आते हैं. इस वर्ष 31 जुलाई 2015 को यहां  गुरू पूर्णिमा  मनायी जायेगी. यदि आप भी इस आश्रम के दर्शन करना चाहें तो आप कभी भी यहां आ सकते हैं !

ब्रह्मानन्दं परमसुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं
द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्ष्यम् ।
एकं नित्यं विमलमचलं सर्वधीसाक्षिभूतं
भावातीतं त्रिगुणरहितं सद्गुरुं तं नमामि
॥ ”

सगवारा आश्रम दर्शन : (Photos)

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क्षमा याचना:

सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज |
अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामी मा शुच: ||

            |  जय गुरुदेवाय नम:  |

Posted by: Innocent Articles Team
Photo Courtesy: A. K. Soni (Devision Secretary, N.H.R.F. Chitrakoot Dham Banda)

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